बेलघाट ब्लॉक के ग्राम बघाड़ (Baghar) में बीते कुछ दिनों से जमीनी विवाद को लेकर तनाव का माहौल है। यह विवाद एक पुराने रास्ते को लेकर है, जो गांव के कई समुदायों — निषाद, कहार, अहीर, मुस्लिम आदि — के लोगों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता लगभग 70 वर्षों से अस्तित्व में है, जिसके जरिए ग्रामीण पैदल आना-जाना करते हैं, बच्चे स्कूल जाते हैं और यह एक पुरानी हाट-बाजार का भी हिस्सा रहा है।
हाल ही में कुछ लोगों द्वारा इस रास्ते को जोत कर कब्जा करने की कोशिश की गई, जिससे गांव में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। धीरज यादव, जिनका घर इसी रास्ते के पास है, जब इसका विरोध करने पहुंचे तो उन्हें ट्रैक्टर से कुचलने की धमकी दी गई। इस पूरी घटना का वीडियो भी ग्रामीणों ने रिकॉर्ड किया है।
ग्रामीणों की मांग है स्पष्ट:
- जो जमीनें खाली हैं, उन्हें जोतने से किसी को आपत्ति नहीं है।
- लेकिन जो पुराना रास्ता है, उस पर से कब्जा हटाया जाए।
- यह रास्ता करीब 40 घरों को जोड़ता है और कोई वैकल्पिक रास्ता भी नहीं है।
यह भी बताया गया कि इस रास्ते के किनारे एक पुरानी कुटी भी स्थित है, जहां ग्रामीण पूजा-पाठ करते रहे हैं। यहां एक महात्मा की समाधि भी मौजूद थी, जिसे भी जोत दिया गया है। बाबा जो वहां वर्षों से रह रहे हैं, उन्होंने बताया कि यह कुटी 100 वर्षों से अधिक पुरानी है, जिसे ठाकुर समाज के लोगों ने बसाया था।
गांव में अब भी कई लोग भय के माहौल में जी रहे हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और पत्रकारों से अनुरोध किया है कि आकर इस स्थिति का स्थलीय निरीक्षण करें और न्याय दिलाएं।
ग्रामीणों का कहना है:
“हमें किसी की ज़मीन नहीं चाहिए, बस जो रास्ता हम वर्षों से इस्तेमाल कर रहे हैं, वो हमें वापस मिल जाए। हम केवल अपना हक मांग रहे हैं।”
Source: Vijay Yadav Talks
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