लगातार हो रही बारिश के बीच शनिवार को संतकबीरनगर जिले के बसवारी गांव में कुआनो नदी के किनारे स्थित लगभग 300 वर्ष पुराना बाबा बैजनाथ धाम मंदिर अचानक भरभराकर गिर गया। इस घटना से क्षेत्र के श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि हादसे के समय मंदिर परिसर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मंदिर का मूल ढांचा वर्षों पहले ईंट और मिट्टी से निर्मित किया गया था। समय-समय पर मंदिर की मरम्मत कर उसके ऊपर सीमेंट और टाइल्स का कार्य कराया जाता रहा, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण पानी का रिसाव बढ़ने से पुराना ढांचा कमजोर हो गया और अंततः मंदिर अचानक ढह गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद जेसीबी मशीन की सहायता से मलबा हटाने का कार्य किया गया।
यह मंदिर वर्षों से क्षेत्र के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। मंदिर के ध्वस्त होने से लोगों में गहरा दुःख है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण की एक निश्चित आयु होती है, लेकिन भगवान बाबा बैजनाथ के प्रति लोगों की श्रद्धा और विश्वास सदैव अटूट रहेगा।
श्रद्धालुओं ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के मंदिर का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि बाबा बैजनाथ धाम पुनः अपने भव्य स्वरूप में स्थापित होकर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना रहे।


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