बेलघाट-खजनी में बिजली संकट पर बढ़ा जनाक्रोश, व्हाट्सएप से सड़क तक पहुंची आवाज़; आंदोलन की तैयारी तेज

बेलघाट ब्लॉक एवं खजनी तहसील क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती, बार-बार लाइन ट्रिप होने और लो-वोल्टेज की समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। पिछले दो दिनों से विभिन्न व्हाट्सएप समूहों में बिजली व्यवस्था को लेकर लगातार चर्चा होती रही, जिसमें लोगों ने अपनी नाराज़गी व्यक्त करते हुए आंदोलन की आवश्यकता तक जताई।

रविवार देर रात बिजली गुल होने के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक अंदाज में अपनी परेशानी साझा की। एक संदेश में लिखा गया कि “लाइट बार-बार ऐसे आ-जा रही है, जैसे घर में आई नई नवेली बहू अपने कमरे से आंगन में बार-बार झांककर आती-जाती रहती है।” इस टिप्पणी ने लोगों की नाराज़गी के साथ-साथ बिजली व्यवस्था की अस्थिरता को भी दर्शाया।

व्हाट्सएप पर कई लोगों ने बताया कि बेलघाट ब्लॉक के अधिकांश हिस्सों में बिजली नहीं थी। कुछ लोगों ने कहा कि अब केवल शिकायतों से काम नहीं चलेगा और आंदोलन करना पड़ेगा। चर्चा के दौरान जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठे, जबकि कुछ लोगों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से तत्काल संपर्क कर आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास किए जाने की जानकारी भी साझा की।

रात करीब 12 बजे सूचना दी गई कि 33 केवी लाइन में तकनीकी खराबी के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई है और विभाग द्वारा मरम्मत कार्य जारी है। अधिकारियों की ओर से बताया गया कि तकनीकी समस्या दूर होने के बाद आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

इसी बीच क्षेत्र में जर्जर बिजली पोल, पुराने तार और विद्युत उपकेंद्रों की समस्याओं को लेकर भी लोगों ने चिंता जताई। सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेशों में दावा किया गया कि कई स्थानों पर मुख्य सप्लाई के पोल अत्यंत जर्जर स्थिति में हैं और दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। लोगों ने अपील की कि किसी भी मुद्दे पर विवाद करने के बजाय मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति देखनी चाहिए और व्यवस्था में सुधार के लिए एकजुट होकर आवाज़ उठानी चाहिए।

लगातार बढ़ते जनाक्रोश के बीच सर्वजन आवाज पार्टी ने भी बिजली समस्या को लेकर आंदोलन का ऐलान किया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल राजेंद्र यादव के निर्देश पर जिला अध्यक्ष विनोद जायसवाल के नेतृत्व में 28 जुलाई को खजनी तहसील में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की गई। क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर बिजली समस्या के स्थायी समाधान की मांग को मजबूत करने की अपील की गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। वर्षों से अनियमित बिजली आपूर्ति, बार-बार ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज और जर्जर विद्युत ढांचे के कारण किसानों, छात्रों, दुकानदारों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब लोगों का मानना है कि केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, बल्कि स्थायी समाधान के लिए सामूहिक प्रयास और जनआंदोलन की आवश्यकता है।

हालांकि, व्हाट्सएप पर व्यक्त विचार संबंधित व्यक्तियों के निजी विचार हैं। इन संदेशों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकी है। लेकिन इतना स्पष्ट है कि क्षेत्र में बिजली संकट को लेकर लोगों में व्यापक असंतोष है और वे शीघ्र समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं।

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