बेलघाट (गोरखपुर)। रापतपुर ग्राम पंचायत के निषाद टोला से सामने आई तस्वीरें गांव के विकास की वास्तविक स्थिति को उजागर कर रही हैं। स्थानीय लोगों द्वारा साझा की गई तस्वीरों में मुख्य रास्ता पूरी तरह कीचड़ से भरा हुआ दिखाई दे रहा है। इतना ही नहीं, रास्ते के बीचों-बीच भैंसें बांधी गई हैं, जिससे लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता रामसकल निषाद के घर के पास का है और इसी मार्ग से कई परिवारों का आवागमन होता है। लेकिन वर्तमान स्थिति ऐसी है कि न आगे निकलना आसान है और न ही पीछे लौटना। लोगों को मजबूरी में कीचड़ और गोबर से होकर गुजरना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि गांव में हाल ही में तीन लोगों का निधन हुआ है। सभी दिवंगत आत्माओं को ग्रामीणों ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने एक गंभीर समस्या भी उठाई है कि अंतिम संस्कार के बाद घाट पर स्नान की व्यवस्था कैसे होगी। ग्रामीणों के अनुसार, पोखरे के पास लगा हैंडपंप खराब पड़ा है, जबकि पोखरा स्वयं जलकुंभी से भरा हुआ है। ऐसे में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एक ग्रामीण ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जब गांव में मूलभूत सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं हैं, तो जिम्मेदार विभागों और जनप्रतिनिधियों को जवाब देना चाहिए कि ऐसी स्थिति में ग्रामीण अपनी आवश्यकताएं कैसे पूरी करें।
ग्रामीणों ने प्रशासन, ग्राम पंचायत तथा संबंधित विभागों से मांग की है कि:
- रास्ते को तत्काल साफ कराकर आवागमन योग्य बनाया जाए।
- सार्वजनिक रास्ते पर पशु बांधने पर रोक लगाई जाए।
- खराब पड़े हैंडपंप की शीघ्र मरम्मत कराई जाए।
- पोखरे की जलकुंभी की सफाई कराकर स्वच्छ जल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
Belghat.com इस मुद्दे पर संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का पक्ष भी प्रकाशित करने के लिए तैयार है। यदि प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई या स्पष्टीकरण प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।


