गोरखपुर के बेलघाट क्षेत्र के जिगिनिया शाहपुर गांव निवासी 80 वर्षीय रामेनन का 15 साल का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। वर्ष 2011 में मुंबई कमाने गए उनके बेटे विश्वनाथ साहनी बुधवार को परिवार के बीच लौट आए। ठेकेदार से विवाद के बाद विश्वनाथ मुंबई से निकल गए थे और बाद में कोलकाता की एक संस्था में उनका इलाज व देखभाल हुई। कोलकाता पुलिस, ईश्वर संकल्प संस्था और बेलघाट पुलिस की मदद से उनकी पहचान हुई और परिवार उन्हें वापस गोरखपुर ले आया।
